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60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलती है? Official नियम और राशि जानें

60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलती है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि पेंशन EPFO की Employees’ Pension Scheme (EPS-95) से मिल रही है या राज्य सरकार की Old Age Pension योजना से, दोनों के नियम, राशि और पात्रता पूरी तरह अलग हैं।

60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलती है

मुख्य बातें:

  • EPS-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 है, इसे ₹7,500 करने की मांग चल रही है लेकिन अभी मंज़ूर नहीं हुई।
  • Old Age Pension (IGNOAPS) में केंद्र ₹300-500 प्रति माह देता है, राज्य अपनी तरफ से अलग रकम जोड़ते हैं।
  • EPS-95 के लिए 10 साल सर्विस और 58 साल उम्र ज़रूरी, 60 तक रुकने पर हर साल 4% अतिरिक्त पेंशन।
  • पति की मृत्यु के बाद पत्नी को वही मासिक पेंशन मिलती रहती है, शादी या मृत्यु तक जारी रहती है।
  • माता-पिता दोनों न रहने पर बच्चों को विधवा पेंशन का 75% अनाथ पेंशन के रूप में 25 साल तक मिल सकता है।

60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलती है?

60 साल के बाद कितनी पेंशन मिलती है, यह जानने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि भारत में बुज़ुर्गों के लिए मुख्य रूप से दो तरह की पेंशन व्यवस्था है, एक नौकरी से जुड़ी EPS-95 और दूसरी सरकार की सामाजिक सुरक्षा वाली Old Age Pension।

जिन लोगों ने संगठित क्षेत्र में नौकरी की है और EPF खाते में योगदान दिया है, उन्हें EPS-95 के तहत पेंशन मिलती है, जबकि जिन बुज़ुर्गों की कोई नियमित नौकरी नहीं रही और जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं, उन्हें राज्य सरकार की Old Age Pension योजना का लाभ मिलता है। कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति दोनों योजनाओं के लिए पात्र नहीं होता, इसलिए अपनी नौकरी और आय की स्थिति के हिसाब से सही योजना चुनना ज़रूरी है।

60 साल की पेंशन 2026 में कब आएगी?

EPS-95 की पेंशन हर महीने की तय तारीख पर सीधे बैंक खाते में जमा होती है, यह किसी एक खास दिन इंतज़ार करने वाली चीज़ नहीं बल्कि एक नियमित मासिक प्रक्रिया है।

EPS-95 पेंशन कैलकुलेशन फॉर्मूला चार्ट | NovaKhabar

Old Age Pension की रकम भी ज़्यादातर राज्यों में हर महीने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए आती है, लेकिन सही तारीख राज्य दर राज्य अलग हो सकती है, क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों का हिस्सा अलग-अलग समय पर जुड़ता है। अगर किसी महीने पेंशन खाते में नहीं आई है, तो EPFO के मामले में EPFO पोर्टल पर पासबुक चेक करना और Old Age Pension के मामले में संबंधित राज्य के समाज कल्याण विभाग से संपर्क करना सही तरीका है।

रिटायर होने पर कितना पैसा मिलता है?

रिटायर होने पर कितना पैसा मिलता है, यह EPS-95 में एक तय फॉर्मूले से तय होता है, पेंशन योग्य वेतन और पेंशन योग्य सर्विस के साल दोनों इसमें भूमिका निभाते हैं।

पेंशन की गणना (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सर्विस के साल) को 70 से भाग देकर की जाती है, और चाहे यह फॉर्मूला जो भी नतीजा दे, न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 से कम नहीं हो सकती। इसके अलावा रिटायरमेंट के समय EPF खाते में जमा पूरी रकम अलग से एकमुश्त निकाली जा सकती है, यह पेंशन से बिल्कुल अलग है और इसका हिसाब EPF योगदान और ब्याज के आधार पर होता है। सरकारी योजनाओं से जुड़ी एक और रिपोर्ट के लिए, हमारी कर्मचारी भविष्य निधि वेतन सीमा बढ़ोतरी वाली खबर भी पढ़ी जा सकती है।

अबकी बार कितनी पेंशन आएगी?

अबकी बार कितनी पेंशन आएगी, इसे लेकर सबसे बड़ी खबर EPS-95 पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की मांग है, लेकिन यह अभी सिर्फ प्रस्ताव है, इसे सरकार ने आधिकारिक तौर पर मंज़ूर नहीं किया है।

श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय के पास यह प्रस्ताव विचाराधीन है, और कई शहरों में EPS-95 पेंशनभोगी इस मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। जब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं आती, तब तक मौजूदा न्यूनतम पेंशन ₹1,000 ही लागू रहती है, इसलिए किसी भी वेबसाइट पर “₹7,500 मंज़ूर” जैसी खबर पढ़कर उसे तुरंत सच मान लेना सही नहीं है।

पति की मृत्यु के बाद पत्नी को पेंशन कितनी मिलेगी?

EPS-95 के तहत पति की मृत्यु के बाद पत्नी को विधवा पेंशन मिलती है, और यह रकम उतनी ही होती है जितनी पति को मासिक पेंशन के रूप में मिल रही थी या मिलने वाली थी।

यह विधवा पेंशन पत्नी की मृत्यु होने तक या उसके दोबारा शादी करने तक जारी रहती है, अगर एक से ज़्यादा विधवा हैं तो यह पेंशन सबसे बड़ी उम्र वाली विधवा को दी जाती है। यह पेंशन पाने के लिए परिवार को EPFO में Form 10D के ज़रिए दावा करना होता है, इसके साथ मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।

अगर माता-पिता दोनों मर जाते हैं तो पेंशन का क्या होता है?

अगर माता-पिता दोनों नहीं रहते, तो EPS-95 के नियमों के तहत बच्चों को अनाथ पेंशन मिलने का प्रावधान है, यह सामान्य विधवा पेंशन से अलग और कम रकम की होती है।

अनाथ पेंशन विधवा पेंशन की रकम का 75% होती है, और यह ज़्यादा से ज़्यादा दो सबसे बड़ी उम्र वाले बच्चों को 25 साल की उम्र तक मिलती रहती है। अगर कोई बच्चा दिव्यांग है, तो उसे यह पेंशन उम्र की सीमा के बिना, जीवनभर मिल सकती है। ज़्यादा सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों के लिए हमारा National सेक्शन देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

EPS-95 और Old Age Pension में क्या फर्क है?
EPS-95 नौकरी और EPF योगदान से जुड़ी पेंशन है, जबकि Old Age Pension गरीबी रेखा से नीचे के 60+ साल के बुज़ुर्गों के लिए सरकार की अलग सामाजिक सुरक्षा योजना है, दोनों की राशि और पात्रता अलग है।

क्या हर बुज़ुर्ग को पेंशन मिलती है?
नहीं, EPS-95 सिर्फ उन्हें मिलती है जिन्होंने EPF खाते में योगदान किया है, और Old Age Pension सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे आने वाले पात्र बुज़ुर्गों को मिलती है, यह हर व्यक्ति के लिए अपने आप लागू नहीं होती।

पेंशन के लिए कम से कम कितनी सर्विस चाहिए?
EPS-95 पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की सर्विस और 58 साल की उम्र पूरी करनी ज़रूरी है, इससे कम सर्विस होने पर एकमुश्त निकासी का विकल्प मिलता है।

पति की मृत्यु के बाद संपत्ति का मालिक कौन होगा?
यह पेंशन के नियमों से अलग, उत्तराधिकार कानून (Succession Law) का विषय है, और यह इस पर निर्भर करता है कि संपत्ति पति के नाम अकेले थी या संयुक्त, इसकी सही जानकारी के लिए वकील से सलाह लेना बेहतर रहता है।

क्या EPS-95 पेंशन पर इनकम टैक्स लगता है?
हां, EPS-95 से मिलने वाली मासिक पेंशन को टैक्स के तहत “सैलरी” की तरह माना जाता है, यह पेंशनभोगी की कुल आय में जुड़कर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स के दायरे में आ सकती है।

Sanoj Kumar

I’m Sanoj Pandit, a writer and the creator of NovaKhabar. I have a strong interest in technology, business, finance, current affairs, sports, and trending stories. I like exploring what’s happening, researching the details behind a story, and presenting it in a way that is simple and useful for readers. NovaKhabar is my space to share the stories and topics I find interesting while helping readers stay informed.

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